
पलामू चैनपुर “निर्भया कांड”: 10 महीने से उलझी गुत्थी, डीएनए मैच नहीं, डीएसपी की निगरानी में स्पेशल टीम जांच में जुटी
पलामू। जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र की “निर्भया कांड” की गुत्थी 10 महीनों से नहीं सुलझ पाई है। नवंबर 2025 में चैनपुर के एक गांव से लापता नाबालिग का शव कुएं से बरामद हुआ था। शुरुआत में इसे हत्या का मामला माना गया, लेकिन पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
रिपोर्ट के मुताबिक नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया और निर्भया घटना की तरह उसे बेरहमी से प्रताड़ित किया गया।
अब तक नहीं पकड़े गए आरोपी
सबसे हैरानी की बात है कि घटना के 10 महीने बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। न ही उनकी कोई स्पष्ट जानकारी सामने आ पाई है।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक बिंदुओं पर अनुसंधान शुरू किया है। इस कांड की जांच के लिए डीएसपी के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है। पलामू एसपी कपिल चौधरी खुद इस मुकदमे की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
डीआईजी किशोर कौशल का बयान
घटना के बाद पूरे गांव को सील कर दिया गया था। नवंबर 2025 में पुलिस ने सर्च अभियान चलाया था। इस दौरान गांव में आने-जाने वाले एक-एक व्यक्ति की जानकारी इकट्ठा की गई ताकि संदिग्ध वस्तु और आरोपियों के बारे में पता चल सके। हालांकि सर्च अभियान में पुलिस को सफलता नहीं मिली।
घटना के कुछ महीने बाद 19 संदिग्धों का डीएनए टेस्ट भी कराया गया, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। फॉरेंसिक की तरफ से पुलिस को बताया गया कि किसी भी आरोपी का मैच नहीं हुआ।
पीड़ित परिवार ने गांव के दो युवकों पर शक जताया है। इधर न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिजन भी धरने पर बैठे हुए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।





