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सड़क किनारे खड़े ब्रेकडाउन ट्रक में कोयला लदे हाइवा की जोरदार टक्कर, चालक की मौत

सड़क किनारे खड़े ब्रेकडाउन ट्रक में कोयला लदे हाइवा की जोरदार टक्कर, चालक की मौत

मुरवे स्टेडियम के पास देर रात हुआ भीषण हादसा, गैस कटर से केबिन काटकर निकाला गया शव; उपचालक गंभीर

20 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर शव के साथ डटे परिजन, सड़क किनारे खराब वाहनों की पार्किंग पर उठे सवाल

सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग पर मुरवे स्टेडियम के समीप रविवार की देर रात भीषण सड़क हादसे में कोयला लदे हाइवा चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका उपचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ, जब तेज गति से आ रहा हाइवा सड़क किनारे ब्रेकडाउन की स्थिति में खड़े ट्रक से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हाइवा का अगला हिस्सा और केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया और काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका।

मृतक चालक की पहचान धीरंजन साव (28) के रूप में हुई है। वह हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत सीकरी गांव का निवासी था। हादसे में घायल उपचालक को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है।

गैस कटर से काटना पड़ा केबिन

हादसे की सूचना मिलते ही सिमरिया पुलिस के साथ स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। हाइवा का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण चालक उसमें फंस गया था। उसे बाहर निकालने के लिए गैस कटर की मदद ली गई। हालांकि बचाव अभियान के दौरान गैस खत्म हो जाने से कुछ समय के लिए राहत कार्य प्रभावित हुआ। इसके बाद दोबारा प्रयास कर काफी मशक्कत के बाद चालक को केबिन से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

स्थानीय लोगों और 108 एंबुलेंस कर्मियों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू करते हुए शव को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की।

मुआवजे की मांग को लेकर मौके पर डटे परिजन

हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों ने मृतक के आश्रितों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी है। हालांकि इस दौरान सड़क जाम नहीं किया गया। परिजन शव को सड़क किनारे रखकर मुआवजे की मांग पर डटे रहे।

मौके पर पहुंचे सीओ गौरव राय और थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता ने परिजनों एवं ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराने के साथ पोस्टमार्टम समेत अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने को लेकर प्रयास किया।

सड़क किनारे खड़े खराब वाहनों पर फिर सवाल

मुरवे स्टेडियम के पास हुई इस दुर्घटना ने सड़क किनारे खराब या ब्रेकडाउन वाहनों को खड़ा किए जाने की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य मार्ग पर यदि खराब वाहन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के बिना खड़ा रहता है तो रात के समय पीछे से आने वाले वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे खड़े ब्रेकडाउन वाहनों के संबंध में प्रभावी निगरानी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की जरूरत बताई है।

गौरतलब है कि 24 सितंबर को जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में सड़क किनारे खड़े ब्रेकडाउन ट्रक से कार की टक्कर में चार लोगों की मौत हुई थी। इस हादसे के बाद सड़क किनारे खराब वाहनों को लेकर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चर्चा हुई थी। इसके बाद राज्य में सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई और जिलों में परिवहन विभाग के स्तर से अभियान चलाने की बात सामने आई थी।

सिमरिया के मुरवे स्टेडियम के समीप हुआ हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब सड़क सुरक्षा और मुख्य मार्गों पर खराब वाहनों की निगरानी को लेकर पहले से चिंता जताई जा रही है। अब स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि मुख्य मार्ग पर ब्रेकडाउन वाहनों को खड़ा करने की स्थिति में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन एवं संबंधित विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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