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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका अमृत सरोवर!16.58 लाख रुपये की लागत से बना तालाब, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल

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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका अमृत सरोवर!
16.58 लाख रुपये की लागत से बना तालाब, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल
चैनपुर, पलामू।
सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत जल संरक्षण और ग्रामीणों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए तालाब की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला चैनपुर प्रखंड के लिधकी टोला बैना पंचायत क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां ग्रामीणों ने तालाब निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए उपायुक्त पलामू से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों की ओर से उपायुक्त को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि योजना संख्या OSP20/2021-2022 के तहत तालाब निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति करीब 16 लाख 58 हजार 600 रुपये की राशि से दी गई थी। आवेदन के अनुसार निर्माण कार्य एक एकड़ क्षेत्र में कराया जाना था।
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब का निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर पूरी राशि की निकासी कर ली गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सरकारी प्राक्कलन के अनुसार तालाब की गहराई, पिंड में लाइट, रोड, सीढ़ी तथा चारों ओर पत्थर आदि का निर्माण किया जाना था, लेकिन मौके पर इन कार्यों का अभाव दिखाई दे रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि संबंधित योजना के निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी की गई और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर गंभीर अनियमितता हुई है। वहीं, मौके पर लगा योजना का बोर्ड भी निर्माण की स्वीकृत राशि और योजना से संबंधित जानकारी दर्शाता है।
जांच हुई तो खुल सकता है पूरा मामला
ग्रामीणों ने उपायुक्त पलामू से पूरे मामले की स्थल जांच, योजना की मापी, प्राक्कलन के अनुसार हुए कार्यों का सत्यापन तथा सरकारी राशि की निकासी की जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि करीब 16.58 लाख रुपये की लागत वाली योजना अगर कागजों में पूरी है, तो जमीन पर उसका वास्तविक स्वरूप इतना बदहाल क्यों है? क्या योजना की राशि के अनुरूप काम हुआ है या सरकारी धन की बंदरबांट हुई है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग और योजना से जुड़े लोगों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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