
अवैध बालू का काला खेल: चक और रंगेया पंचायत में धड़ल्ले से जारी है बालू का अवैध खनन व परिवहन
मेदिनीनगर।। स्थानीय प्रशासन के दावों को ठेंगा दिखाते हुए मनातू प्रखंड क्षेत्र के चक और रंगेया पंचायत क्षेत्र में बालू का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक, नदियों से धड़ल्ले से बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है।ट्रैक्टरों में अवैध लदे बालू का परिवहन बेधड़क जारी है।जिससे राजस्व का भारी नुकसान तो हो ही रहा है।लेकिन पर्यावरण पर भी गंभीर संकट मंडराने लगा है।
ओवरलोडेड ट्रैक्टरों की दिन-रात आवाजाही से चक और रंगेया पंचायत की ग्रामीण सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। तेज रफ्तार में दौड़ते बालू लदे वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पैदल या दोपहिया वाहन से चलना खतरे से खाली नहीं रह गया है।नदी घाटों से अवैध और अव्यवस्थित तरीके से बालू के उठाव के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है।चक में तोरण द्वार के नाम पर अवैध बालू बिक्री का आरोप, विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के नाम के दुरुपयोग की शिकायत
पांकी विधानसभा क्षेत्र में बालू की कथित अवैध बिक्री का मामला, गरीबों को अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास निर्माण में परेशानी
पलामू जिले के चक क्षेत्र में बन रहे तोरण द्वार के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बालू के नाम पर कथित रूप से कुछ बिचौलियों द्वारा अवैध बालू की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे मामले में पांकी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के नाम का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर लोगों पर प्रभाव बनाने और बालू की बिक्री करने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बालू की उपलब्धता को लेकर आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर गरीब परिवारों के लिए अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले घरों का निर्माण प्रभावित हो रहा है। जरूरतमंद लोग अपने घर के निर्माण के लिए बालू की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कथित रूप से कुछ लोग प्रभावशाली लोगों और जनप्रतिनिधियों के नाम का सहारा लेकर बालू की बिक्री कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करे कि तोरण द्वार के निर्माण के नाम पर बालू कहां से लाया जा रहा है, किसके आदेश या अनुमति से लाया जा रहा है और उसकी बिक्री या वितरण कौन कर रहा है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील
स्थानीय लोगों ने पांकी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता से अपील की है कि उनके नाम का कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा, इसकी जानकारी लेकर पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लें। यदि उनके नाम का दुरुपयोग कर कोई व्यक्ति अवैध रूप से बालू बेच रहा है, तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई कराने में प्रशासन का सहयोग किया जाए।
वहीं ग्रामीणों ने पलामू उपायुक्त (डीसी) और संबंधित एसडीओ से भी मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बालू की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक लगाते हुए आम गरीब और जरूरतमंद लोगों को सरकारी आवास निर्माण के लिए नियमानुसार बालू उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि मामले की जांच के दौरान बालू के स्रोत, परिवहन, बिक्री और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी जनप्रतिनिधि के नाम का दुरुपयोग कर आम लोगों को गुमराह करने की स्थिति पर रोक लगाई जा सके।चक में तोरण द्वार के नाम पर अवैध बालू बिक्री का आरोप, विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के नाम के दुरुपयोग की शिकायत
पांकी विधानसभा क्षेत्र में बालू की कथित अवैध बिक्री का मामला, गरीबों को अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास निर्माण में परेशानी
पलामू जिले के चक क्षेत्र में बन रहे तोरण द्वार के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बालू के नाम पर कथित रूप से कुछ बिचौलियों द्वारा अवैध बालू की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे मामले में पांकी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के नाम का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर लोगों पर प्रभाव बनाने और बालू की बिक्री करने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बालू की उपलब्धता को लेकर आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर गरीब परिवारों के लिए अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले घरों का निर्माण प्रभावित हो रहा है। जरूरतमंद लोग अपने घर के निर्माण के लिए बालू की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कथित रूप से कुछ लोग प्रभावशाली लोगों और जनप्रतिनिधियों के नाम का सहारा लेकर बालू की बिक्री कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करे कि तोरण द्वार के निर्माण के नाम पर बालू कहां से लाया जा रहा है, किसके आदेश या अनुमति से लाया जा रहा है और उसकी बिक्री या वितरण कौन कर रहा है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील
स्थानीय लोगों ने पांकी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता से अपील की है कि उनके नाम का कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा, इसकी जानकारी लेकर पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लें। यदि उनके नाम का दुरुपयोग कर कोई व्यक्ति अवैध रूप से बालू बेच रहा है, तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई कराने में प्रशासन का सहयोग किया जाए।
वहीं ग्रामीणों ने पलामू उपायुक्त (डीसी) और संबंधित एसडीओ से भी मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बालू की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक लगाते हुए आम गरीब और जरूरतमंद लोगों को सरकारी आवास निर्माण के लिए नियमानुसार बालू उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि मामले की जांच के दौरान बालू के स्रोत, परिवहन, बिक्री और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी जनप्रतिनिधि के नाम का दुरुपयोग कर आम लोगों को गुमराह करने की स्थिति पर रोक लगाई जा सके।





