
- महिला किसान खुशहाली योजना के तहत राज्यस्तरीय स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कार्यक्रम का होटल रेडिसन ब्लू में हुआ आयोजन
कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की रहीं मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित
राज्यभर से स्टेकहोल्डर्स एवं महिला किसान हुईं इस कार्यक्रम में शामिल
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महिला किसान खुशहाली योजना से महिला किसान होंगी लाभान्वित, मिलेगा उचित बाज़ार
महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता
महिला किसान खुशहाली योजना पूरे राज्य में खेती का भविष्य बदलने में होगी मददगार , आने वाले समय में पारंपरिक खेती की अवधारणा को परिवर्तित करने में होगी सार्थक
__श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ,कृषि मंत्री
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कृषि विभाग द्वारा तैयार की गई नई योजना “महिला किसान खुशहाली योजना” का उद्देश्य पूरे राज्य में महिला किसानों को पहचान दिलाना और उन्हें सशक्तिकरण करना है । इस योजना के सफल क्रियान्वयन और किस प्रकार से यह योजना महिला किसानों के लिए लाभकारी हो इसी उद्देश्य से कृषि के क्षेत्र में काम करने वाले स्टेकहोल्डर्स एवं महिला किसानों से रायशुमारी कर उनके सुझावों को इस योजना में शामिल कर आगे बढ़ेंगे । इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए यह स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया है । इस कार्यक्रम को सिर्फ एक औपचारिकता के तौर पर ना लें बल्कि इसके आउटकम पर फोकस करें । उक्त बातें कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहीं । वे गुरुवार को होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित महिला किसान खुशहाली योजना के तहत स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं ।
पारंपरिक खेती की अवधारणा को बदलने में होगी सार्थक यह योजना
कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि महिला किसान खुशहाली योजना आने वाले समय में राज्य की पारंपरिक खेती की अवधारणा को बदलने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के ज्यादातर किसान पारंपरिक खेती ही करते हैं । इस योजना का उद्देश्य बहुत बड़ा है आने वाले समय में यह योजना पूरे प्रदेश की खेती के प्रति व्यावहारिक सोच को बदल देगा ।
योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी से राज्य की आर्थिक दिशा तय करने में मिलती है मदद
राज्य सरकार महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में लगातार प्रयासरत है । सरकार कई ऐसी योजनाएं चला रही है जिसमे महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो । कृषि विभाग ने भी सीधे तौर पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक नई योजना शुरूआत कर रही है । महिला किसान खुशहाली योजना में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त बना कर उनकी आजीविका को बेहतर बनाया जाएगा । महिलाओं की भागीदारी से राज्य की आर्थिक दिशा तय होती है ।
महिला किसान खुशहाली योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिला किसानों की क्षमता को विकसित करना
विशेष सचिव कृषि श्री गोपाल जी तिवारी ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा तैयार की गई महिला किसान खुशहाली योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिला किसानों की क्षमता को विकसित करना है , निर्णय की प्रक्रिया में महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करनी है , महिलाओं को बेहतर बाज़ार उपलब्ध करना , वैल्यू एडेड कर उनकी आय को बढ़ना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के स्वरूप को तय करने में इस क्षेत्र में काम करने वाले स्टेकहोल्डर्स की राय बहुत महत्वपूर्ण है इसी उद्देश्य के तहत यह स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन प्रोग्राम आयोजित की गई है। इस प्रोग्राम में जो भी इनपुट स्टेकहोल्डर की तरफ़ से आयेंगे और महिला किसानों की राय को समावेशी करते हुए इस योजना को और कारगर बनाने में मदद मिलेगी ।
निदेशक कृषि श्री विद्यानंद शर्मा पंकज ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच महिलाओं का सशक्तिकरण की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने महिला किसानों के उत्थान का बीड़ा उठाते हुए एक नई योजना महिला किसान खुशहाली योजना की पहल की है । यह योजना व्यापक,व्यावहारिक और लाभार्थियों के आर्थिक लाभ के स्वरूप को समर्पित होगा । इस योजना के ड्राफ्ट , योजना के स्वरूप , इसके लाभ से संबंधित बेहतर सुझाव को शामिल करने के उद्देश्य से ही ये स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन वर्कशॉप रखा गया है ।
सीईओ जेएसएलपीएस श्री अनन्य मित्तल ने कहा कि कृषि विभाग द्वार तैयार की गई महिला किसान खुशहाली योजना निश्चित तौर पर महिलाओं को सशक्त करेगी । जेएसएलपीएस में करीब 3.2 लाख एसएचजी के तहत 32 लाख महिलाएं जुड़ कर अपनी आजीविका को बढ़ा रही हैं। लोन लेकर अपनी विभिन्न व्यवसाय के माध्यम से अपनी आजीविका चला रही हैं।
निदेशक पशुपालन श्री रोबिन टोप्पो ने कहा कि आधी आबादी के उत्थान के लिए राज्य सरकार चला रही है मुख्यमंत्री माइयाँ सम्मान योजना । सरकार महिलाओं के प्रति समर्पित । पशुपालन के क्षेत्र में भी सरकार मुख्यमंत्री पशुधन योजन चलाकर महिलाओं को जोड़ रहे हैं। पूरे राज्य के कई महिलायें हो रही है लाभान्वित । मुर्गी ,सुअर ,बत्तख पालन जैसी योजनाओं से जुड़ कर महिलायें अपनी आजीविका को बेहतर बना रहीं हैं । चतरा की महिलाएं हों सिमडेगा की महिलाएं हो चाहे एनी किसी भी जिले की महिलाएं हो वो राज्य सरकार द्वारा संचालित पशुपालन के तहत योजना का लाभ लेकर अपनी आय दुगुनी कर रही हैं।
कार्यक्रम में प्रेजेंटेशन के माध्यम से महिला किसान खुशहाली योजना के कॉन्सेप्ट और ड्राफ्ट की जानकारी दी गई इसके बाद योजना के ऑब्जेक्टिव्स , स्कोप , इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) मॉडल्स सहित अन्य पहलुओं की जानकारी और सुझाव के लिए स्टेकहोल्डर्स और उपस्थित महिला किसानों का ओपन हाउस डिस्कशन किया गया ।
कार्यक्रम में निदेशक कृषि श्री विद्यानंद शर्मा पंकज, निदेशक उद्यान श्री प्रवीण केरकेट्टा ,निदेशक मृदा संरक्षण श्री विकास कुमार सहित राज्यभर से आयीं महिला किसान , स्टेकहोल्डर्स एवं विभाग के पदाधिकारीगण और कर्मचारीगण तथा नाबार्ड , लीड बैंक , आईसीएआर बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, कृषि विज्ञान केंद्र,एफ़पीओ के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।





