
एसआईटी को इस मामले के मास्टरमाइंड को चिह्नित कर लिया है।
इस घटना को बिहार के सीतामढ़ी निवासी मो. इरफान उर्फ उजाले ने अंजाम दिया है। पुलिस ने इरफान की पत्नी और प्रेमिका सहित कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर 20 लाख रुपए बरामद कर लिए गए हैं।
बताया जाता है कि इरफान पर दिल्ली, यूपी, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और बिहार सहित 20 राज्यों में 100 से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज हैं। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि इरफान की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्दी ही पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा।
सीतामढ़ी के गाड़ा जोगिया गांव के रहने वाले इरफान के गांव वाले बताते हैं कि इरफान पैसे से भी जरूरतमंदों की मदद भी करता है। इसलिए उसे ‘उजाला’ के नाम से भी पहचाना जाता है। खुद को मददगार की तरह पेश करने की वजह से इसे रॉबिनहुड भी बोलते हैं।
इरफान पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पंजाब, गोवा और तमिलनाडु में 100 से अधिक एफआईआर दर्ज है। उसने तमिलनाडु के सीएम और गोवा के राज्यपाल के घर में भी चोरी की है।
इरफान के संबंध में बिहार पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इरफान ने उन्हें पूछताछ के दौरान बताया था कि लगभग 15-16 साल पहले बहन की शादी में दहेज के लिए रुपए की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।
तब बिहार में ही एक चोरी की थी। इसमें पकड़ा नहीं गया था। बहन की शादी होने के बाद से लगातार चोरी कर रहा हूं।
इरफान से पूछताछ के दौरान जो जानकारी पुलिस को मिली थी उसके अनुसार उसने नोटबंदी से ठीक पहले दिल्ली में रहने वाले एक जज के घर में 65 लाख की चोरी की थी।
जज ने केस दर्ज नहीं कराया था। इसके अलावा गोवा में गवर्नर हाउस के पास रहने वाले एक कारोबारी के घर में भी लाखों रुपए की नकदी और जेवर चुराए थे।
यूपी पुलिस को दिए बयान के अनुसार इरफान ने किसी भी वारदात से पहले रेकी नहीं की। वह अपनी गाड़ी से निकलता था और जहां भी दिल गवाही देता था, रुक कर चोरी कर लेता था।
उसका अंदाजा इतना सटीक था कि वह आज तक जिस भी घर में गया, एक-डेढ़ लाख रुपए लेकर ही निकला। आरोपी ने बताया है कि वह इस तरह से कोठियों में घुसता था कि कड़ी चौकसी के बाद भी सुरक्षाकर्मियों की उस पर नजर नहीं पड़ती थी।
चोरी के पैसों से उसने गांव और आसपास के लोगों की मदद तो की ही, खुद के लिए भी आलीशान घर बनवाया है। गांव वालों के मुताबिक उसने घर तकरीबन 2 करोड़ रुपए में बनवाया है। इसके टॉप फ्लोर पर शीश महल बनाया हुआ था। घर के इंटीरियर पर भी लाखों खर्च किए गए थे। उसका घर करीब 3-4 कट्ठा में बना हुआ है।
इरफान को बचपन से ही बड़ी गाड़ियों में चढ़ने और आलीशान मकान में रहने का शौक था। उसे बचपन से ही लगता था कि 10-20 लोग उसके आगे पीछे घूमें। इरफान के एक दोस्त ने बताया कि वह 13 साल की उम्र में कमाने के लिए रिश्तेदार के यहां सिलीगुड़ी गया था।
जहां मोबाइल की दुकान में काम करते करते उसने दुकान में रखे कई मोबाइल और चार्जर अन्य कीमती सामान चोरी कर घर भाग आया। चोरी को लेकर मां से उसका झगड़ा हुआ और वह दिल्ली चला गया। जहां वर्ष 2014 में किसी बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। और घर भाग आया।
रांची में की गई चोरी के बाद पुलिस की जांच में पता चला है कि सीतामढ़ी के गाड़ा जोगिया गांव निवासी इरफान गरीबी में पला-बढ़ा। अपराध की दुनिया में कदम रखते ही वह करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया।
पहचान छिपाने के लिए वह जगुआर, ऑडी और मर्सिडीज जैसी महंगी कारों से वीआईपी इलाकों में रेकी करता है। कई बार हवाई यात्रा कर अलग-अलग राज्यों में जाकर वारदात को अंजाम देता है। वह चोरी के दौरान हथियार नहीं रखता, बल्कि पेचकस और वायर कटर के सहारे घर में घुसता है। नकदी-जेवर लेकर फरार हो जाता है।







