झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली है। झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 ने संयुक्त अभियान में भाकपा (माओवादी) के ₹1 करोड़ के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी धनबाद-गिरिडीह सीमा स्थित मनियाडीह क्षेत्र से की गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मिसिर बेसरा सारंडा और कोल्हान क्षेत्र से निकलकर गिरिडीह की ओर बढ़ रहा था। खुफिया एजेंसियों को उसकी सटीक लोकेशन की सूचना मिली, जिसके बाद झारखंड पुलिस और कोबरा-209 ने संयुक्त घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। उसके साथ गिरफ्तार दो अन्य माओवादी भी गिरफ्तार हुए हैं
मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उस पर झारखंड सहित कई राज्यों में नक्सली हिंसा, सुरक्षा बलों पर हमले और संगठन के विस्तार की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं। उसकी गिरफ्तारी से माओवादी संगठन झारखंड से समाप्त हो गया।
मिसिर बेसरा का पकड़ा जाना झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।







