


नई दिल्ली: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को एक स्वदेशी और आत्मनिर्भर रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना और स्वदेशी क्षमताओं एवं नवाचार के जरिए भारतीय वायु सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु सेना में बदलना ही हमारा संकल्प है।
श्री सेठ ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने हमेशा शांति और वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर भरोसा किया है, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहता है।
“*भारत की संस्कृति हमें शांति और मानवता का कल्याण सिखाती है। लेकिन जब भी कोई आतंकवाद के जरिए हमें डराने की कोशिश करता है या देश पर बुरी नजर डालता है, तो हम भगवान शिव के ‘तांडव’ के भाव के साथ जवाब देना भी जानते हैं
उन्होंने आगे कहा, “सीमा पर लड़ने वाला जवान कभी अकेला नहीं होता। उसकी जीत की कहानी आपकी फैक्ट्रियों में गढ़ी जाती है। आज हम जो तकनीक विकसित करेंगे, वही कल हमारी सेनाओं की ताकत तय करेगी।”
रक्षा राज्य मंत्री ने रक्षा निर्माताओं और इनोवेटर्स से भविष्य के युद्ध की आवश्यकताओं और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण तकनीक हासिल करने में देरी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए सेठ ने कहा कि भारतीय उद्यमी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ उद्यमियों से मुकाबला कर सकते हैं।
“*हमारे स्टार्टअप दुनिया के किसी भी स्टार्टअप से कम नहीं हैं। भारत के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा भविष्य के निर्माण में एक निर्णायक भूमिका निभाएगी,”भारतीय सशस्त्र बलों की संयुक्तता (Jointness) की भावना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “दुनिया हमें सिखाती है कि 1+1 बराबर 2 होता है, लेकिन भारतीय सेना के लिए 1+1 बराबर 11 होता है। और तीनों सेनाओं की संयुक्तता के लिए 1+1+1 बराबर 111 होता है। यह टीम वर्क, प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प की ताकत है।”
मंत्री ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र के योगदान को बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि रक्षा क्षेत्र में नवाचार देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगा।
अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर), प्रौद्योगिकी और रक्षा के क्षेत्र में भारत की हालिया उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सेठ ने कहा कि देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और हमें इस गति को बनाए रखना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत का युवा 2047 तक एक विकसित भारत के सपने को लेकर आगे बढ़ रहा है और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान, श्री संजय सेठ ने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, SIDM के अध्यक्ष श्री अरुण टी. रामचंद्रन, भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के नेताओं की उपस्थिति में ‘संकल्प 2026: प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स ऑफ द इंडियन एयर फोर्स’ पुस्तक का भी विमोचन किया। एयर ऑफिसर-इन-चार्ज (मेंटेनेंस) एयर मार्शल संजय घुरतिया ने उद्घाटन भाषण दिया।
इस कार्यक्रम ने भारतीय वायु सेना की स्वदेशीकरण प्राथमिकताओं, रखरखाव (सस्टेनमेंट) आवश्यकताओं और तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान किया। रक्षा मंत्रालय, सशस्त्र बलों, सैन्य विमान योग्यता और प्रमाणन केंद्र (CEMILAC), वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (DGAQA), SIDM, उद्योग और शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। उद्योग भागीदारों ने एयरोस्पेस क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम भारतीय वायु सेना के प्रतिनिधियों, उद्योग प्रतिभागियों, CEMILAC और DGAQA के बीच केंद्रित बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बातचीत के साथ समाप्त हुआ, जिसने आत्मनिर्भर भारत के प्रति सभी हितधारकों की साझी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।








