
त्योहारी सीजन से पहले देश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई शहरों के खुदरा बाजार में चीनी 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जिससे घरों के बजट के साथ-साथ मिठाई और खाद्य उद्योग की लागत भी बढ़ने लगी है।
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए एथनॉल मिश्रण को नहीं, बल्कि जमाखोरी को जिम्मेदार ठहराया. हालांकि, एक प्रमुख चीनी मिल कंपनी के अधिकारी ने कहा कि चीनी की पेराई अप्रैल में खत्म हो गयी थी और मिलें अब केवल अपने भंडार से चीनी जारी कर रही हैं. उन्होंने कहा कि इस समय चीनी मिलें इससे अधिक कुछ नहीं कर सकतीं.






