
दिनांक 24 जनवरी 2026 को भीम आर्मी पलामू जिला अध्यक्ष चंदू राम के नेतृत्व में भीम आर्मी – आज़ाद समाज पार्टी की जिला कमेटी, मेदिनीनगर स्थित भाजपा विधायक डॉ० शशिभूषण मेहता द्वारा संचालित ऑक्सफोर्ड स्कूल पहुँची और विधायक के दोहरे चरित्र को जनता के सामने उजागर किया।
गौरतलब है कि 22 जनवरी 2026 को पांकी विधानसभा क्षेत्र के नीलांबर–पीतांबरपुर स्थित एक सरकारी विद्यालय के गेट पर भाजपा विधायक धरना देते हुए नजर आए थे। उस दौरान उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर “धर्म विरोधी” होने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं, उनके प्रतिनिधि द्वारा प्रधानाध्यापक को “भीम आर्मी के नक्शे-कदम पर चलने वाला” तक कहा गया, जो कि एक सोची-समझी साजिश के तहत दलित समुदाय और भीम आर्मी को बदनाम करने का प्रयास था।
मामला शांत भी नहीं हुआ था कि इसी क्रम में 24 जनवरी 2026 को शाम 5:30 बजे भीम आर्मी – आज़ाद समाज पार्टी के जिला पदाधिकारी विधायक के निजी स्कूल ऑक्सफोर्ड स्कूल पहुँचे और स्कूल गेट पर धरना देकर वहाँ पूजा-पाठ की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।
विद्यालय की महिला गार्ड ने स्पष्ट रूप से बताया कि स्कूल में किसी भी प्रकार की सरस्वती पूजा या धार्मिक अनुष्ठान नहीं हो रहा है।
इस पर आज़ाद समाज पार्टी के नेता नागमणि रजक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि —
“जब एक सरकारी विद्यालय संविधान के तहत पूजा नहीं कराता, तो विधायक जी उसे धर्म विरोधी बताकर समाज को भड़काते हैं, लेकिन अपने निजी विद्यालय में सरस्वती पूजा नहीं कराते। यह भाजपा के पाखंडी हिंदुत्व और दोहरे चरित्र को उजागर करता है।उन्होंने कहा कि विधायक जी ने कानून और संविधान की मर्यादा को ताक पर रखकर जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काया और इस पूरे प्रकरण में भीम आर्मी को बदनाम करने की साजिश रची, जो अत्यंत निंदनीय है।
मौके पर मौजूद राम कुमार रवि ने कहा कि —
“पांकी के विधायक एक दलित शिक्षक को जानबूझकर टारगेट कर रहे हैं, जिसे भीम आर्मी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। भीम आर्मी संविधान को मानने वाला संगठन है और संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत हर नागरिक को अपने धर्म को मानने की पूरी आज़ादी है।”
भीम आर्मी पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि —
“अगर विधायक जी इतने ही बड़े हिंदुत्ववादी हैं, तो अपने निजी विद्यालय में सरस्वती पूजा से परहेज क्यों?”
यह पूरा घटनाक्रम साबित करता है कि भाजपा विधायक का हिंदुत्व केवल दिखावा है और असली उद्देश्य समाज को बाँटकर राजनीतिक लाभ उठाना है।
ऐसे व्यक्ति जो समाज में नफरत, तनाव और उन्माद फैलाने का काम करें, वे जनप्रतिनिधि कहलाने के योग्य नहीं हैं। ऐसे विधायक की सदस्यता पर गंभीरता से विचार होना चाहिए क्योंकि उनकी राजनीति सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा है।
भीम आर्मी – आज़ाद समाज पार्टी संविधान, समानता और सामाजिक न्याय की विचारधारा पर अडिग है और किसी भी कीमत पर संविधान विरोधी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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जारीकर्ता:
भीम आर्मी – आज़ाद समाज पार्टी, झारखंड