
डीज्नीलैंड मेला संचालक को 32.50 लाख रुपये का नुकसान, अगले साल मेला नहीं लगाने की चेतावनी
मेदिनीनगर। स्थानीय शिवाजी मैदान में लगा डीज्नीलैंड मेला समाप्त होने के बाद मेला प्रबंधन ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया है। मेला प्रबंधन से जुड़े लोगों के अनुसार, इस वर्ष मेले में करीब 32 लाख 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। प्रबंधन ने कहा है कि यदि नगर निगम की ओर से प्रशासनिक सहयोग और बंदोबस्ती की राशि में राहत नहीं मिलती है, तो अगले वर्ष से मेला नहीं लगाने पर विचार किया जाएगा।
मेला प्रबंधन से जुड़े पवन कुमार गुप्ता, जितेंद्र प्रसाद अग्रवाल और अजय कुमार उर्फ कल्लू ने बताया कि मेले के दौरान बारिश और अपेक्षित पुलिस सहयोग नहीं मिलने के कारण कई तरह की परेशानियां सामने आईं। उनका कहना है कि मेले के समापन के बाद भी मैदान की सफाई को लेकर समस्या बनी हुई है।
प्रबंधन के मुताबिक, इस वर्ष शिवाजी मैदान की बंदोबस्ती करीब 88 लाख 20 हजार रुपये में हुई थी, जबकि पिछले वर्ष यह राशि करीब 74 लाख 70 हजार रुपये थी। हर वर्ष बंदोबस्ती राशि में वृद्धि होती रही, लेकिन इस बार करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ राशि निर्धारित की गई।
मेला प्रबंधन का आरोप है कि सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम में 3 लाख 25 हजार रुपये जमा कराने के बावजूद मेले की अवधि के दौरान पर्याप्त सफाई व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रबंधन का कहना है कि कचरा हटाने के लिए एक वाहन तक मुहैया कराने से इनकार किया गया।
प्रबंधन ने बंदोबस्ती में कम से कम 25 प्रतिशत राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नगर निगम और प्रशासन की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता है तथा बंदोबस्ती राशि में कोई संशोधन नहीं किया जाता है, तो अगले वर्ष से मेला आयोजित नहीं किया जाएगा।
मेला प्रबंधन के अनुसार, मेले की शुरुआत के करीब 17 दिन बाद सुरक्षा व्यवस्था के लिए सहायक पुलिस बल की तैनाती की गई थी। एक दिन भीड़ अधिक बढ़ जाने के कारण स्थिति संभालना मुश्किल हुआ और संभावित घटना को देखते हुए मेले को शाम 5:30 से 6 बजे के बीच बंद करना पड़ा।
मेला प्रबंधन ने प्रशासन से पूरे मामले पर विचार करते हुए बंदोबस्ती राशि और व्यवस्थाओं को लेकर राहत देने की मांग की है





