
गौरतलब है कि पलामू जिला पहले भी अवैध अफीम खेती को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संबंधित क्षेत्र में पुलिस की गश्ती व्यवस्था कमजोर है, या फिर कहीं न कहीं लापरवाही बरती जा रही है? ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि क्या अफीम माफियाओं को किसी प्रकार का संरक्षण मिल रहा है? हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब निगाहें टिकी हैं पलामू एसपी पर, जिनसे उम्मीद की जा रही है कि वे इस मामले में संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश देंगे और यदि अवैध खेती की पुष्टि होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
राज्य सरकार से भी मांग की जा रही है कि ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि अवैध नशा कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है।